जब स्टील पाइप को उच्च दबाव वाली परिस्थितियों में उपयोग किया जाता है, तो हाइड्रोस्टैटिक परीक्षण केवल एक औपचारिकता नहीं होता—यह सुरक्षा, विश्वसनीयता और उत्पाद गुणवत्ता का मूल आधार है।
यदि आपकी स्टील पाइप हाइड्रोस्टैटिक टेस्टिंग मशीन मानकों के अनुरूप नहीं है, या परीक्षण प्रक्रिया स्पष्ट नहीं है, तो इसका सीधा प्रभाव उत्पाद की स्वीकार्यता, ग्राहक विश्वास और परियोजना जोखिम पर पड़ता है।
यह ब्लॉग बताता है कि भारतीय और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार आप अपनी हाइड्रोस्टैटिक टेस्टिंग प्रणाली को कैसे अनुपालन योग्य बनाए रख सकते हैं।
1. लागू कोड और मानकों की स्पष्ट पहचान करें
किसी भी परीक्षण से पहले यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि आप किस मानक के अंतर्गत काम कर रहे हैं। सामान्यतः उपयोग में आने वाले मानक इस प्रकार हैं:
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ASME B31.1 / B31.3:
इन कोड्स के अनुसार, हाइड्रोस्टैटिक परीक्षण दबाव प्रणाली के डिज़ाइन दबाव का न्यूनतम 1.5 गुना होना चाहिए। -
49 CFR 195 (USA Pipelines):
खतरनाक तरल पदार्थों के परिवहन हेतु पाइपलाइनों के लिए परीक्षण दबाव अधिकतम परिचालन दबाव (MOP) का 125%, और न्यूनतम 4 घंटे तक बनाए रखना आवश्यक है। -
सामान्य परीक्षण क्रम में निम्न चरण शामिल होते हैं:
एयर पर्जिंग → पानी से भरना → धीरे-धीरे दबाव बढ़ाना → निर्धारित समय तक दबाव बनाए रखना → रिसाव / विकृति का निरीक्षण।
आपके पाइप का उपयोग, सामग्री और निर्यात बाजार यह तय करते हैं कि कौन-सा मानक लागू होगा। यही आपकी पूरी परीक्षण प्रक्रिया का आधार है।
2. मशीन और टेस्ट सेट-अप की उपयुक्तता सुनिश्चित करें
केवल प्रक्रिया का पालन पर्याप्त नहीं है—मशीन की क्षमता और सेट-अप भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं।
भारतीय इंजीनियरों के लिए जाँच सूची:
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क्या हाइड्रोस्टैटिक टेस्टिंग मशीन आवश्यक अधिकतम परीक्षण दबाव के लिए डिज़ाइन और रेटेड है?
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क्या सभी प्रेशर गेज, ट्रांसड्यूसर और सेंसर नियमित रूप से कैलिब्रेट किए गए हैं और उनके प्रमाणपत्र उपलब्ध हैं?
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क्या परीक्षण से पहले पाइप, फ्लैंज और कनेक्शन पूरी तरह साफ किए गए हैं? अशुद्धियाँ गलत परिणाम दे सकती हैं।
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क्या परीक्षण माध्यम के रूप में पानी का उपयोग किया जा रहा है (जब तक अन्य माध्यम तकनीकी रूप से उचित न हो)?
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क्या सभी ऊँचे बिंदुओं पर एयर वेंट उपलब्ध हैं ताकि पाइप के अंदर हवा न फँसे?
ध्यान रखें: यदि पाइप के अंदर हवा बची रह जाती है, तो परीक्षण दबाव और वास्तविक तनाव की गणना गलत हो सकती है।
3. मानकीकृत लिखित परीक्षण प्रक्रिया (SOP) लागू करें
एक अच्छी हाइड्रोस्टैटिक टेस्टिंग मशीन तभी प्रभावी होती है जब उसके साथ एक स्पष्ट Standard Operating Procedure (SOP) हो।
SOP में निम्न बिंदु स्पष्ट होने चाहिए:
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पाइप की पहचान: सामग्री, व्यास, मोटाई, बैच या सीरियल नंबर
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परीक्षण माध्यम, भरने की गति और वेंटिंग विधि
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लक्षित परीक्षण दबाव और होल्ड टाइम
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पास / फेल मानदंड (दबाव गिरावट, दृश्य रिसाव, स्थायी विकृति)
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निरीक्षण प्रक्रिया (प्रेशर होल्ड के दौरान और डिप्रेशराइजेशन के बाद)
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रिकॉर्डिंग विवरण: समय, तापमान, ऑपरेटर, मशीन आईडी
हर परीक्षण इसी SOP के अनुसार किया जाना चाहिए। किसी भी विचलन को लिखित रूप में दर्ज करना अनिवार्य है।
4. नियमित मेंटेनेंस, ऑपरेटर प्रशिक्षण और डेटा समीक्षा
अनुपालन एक सतत प्रक्रिया है। इसे बनाए रखने के लिए:
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सभी माप उपकरणों का नियत अंतराल पर कैलिब्रेशन करें
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होज़, वाल्व, फिटिंग और सील की नियमित जाँच करें
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ऑपरेटरों को मशीन संचालन और सुरक्षा प्रक्रियाओं का प्रशिक्षण दें
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टेस्ट लॉग का विश्लेषण करें—यदि दबाव गिरावट में क्रमिक बदलाव दिखे, तो मशीन या सिस्टम की जाँच करें
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मेंटेनेंस और प्रशिक्षण रिकॉर्ड सुरक्षित रखें
यह अभ्यास विशेष रूप से EPC प्रोजेक्ट्स और निर्यात ऑर्डर्स में बहुत महत्वपूर्ण होता है।
5. पूर्ण दस्तावेज़ीकरण और ट्रेसबिलिटी बनाए रखें
भारतीय और अंतरराष्ट्रीय ग्राहक केवल “PASS” रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं होते। आपको निम्न रिकॉर्ड प्रस्तुत करने में सक्षम होना चाहिए:
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कैलिब्रेशन प्रमाणपत्र
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स्वीकृत SOP और उसका संस्करण
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प्रत्येक पाइप का परीक्षण लॉग
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अंतिम परीक्षण रिपोर्ट (पास / फेल, टिप्पणियाँ)
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मेंटेनेंस और प्रशिक्षण रिकॉर्ड
मजबूत दस्तावेज़ीकरण आपके परीक्षण परिणामों की विश्वसनीयता को बढ़ाता है और ऑडिट को सरल बनाता है।
स्टील पाइप हाइड्रोस्टैटिक टेस्टिंग मशीन का अनुपालन केवल मशीन पर निर्भर नहीं करता।
यह उचित मानक, सही सेट-अप, प्रशिक्षित ऑपरेटर और सटीक दस्तावेज़ीकरण का संयुक्त परिणाम है।
जब ये सभी तत्व सही तरीके से लागू होते हैं, तब आप केवल पाइप का परीक्षण नहीं कर रहे होते—
आप अपनी गुणवत्ता प्रणाली, प्रक्रिया और कंपनी की तकनीकी विश्वसनीयता को प्रमाणित कर रहे होते हैं।